Bhagwati Sharan Mishra/भगवतीशरण मिश्र
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लेखक:

भगवतीशरण मिश्र
जन्म : 27 मार्च, 1939।

•साहित्यिक कृतियों के प्रणेता, एक बहुचर्चित कथा-शिल्पी।
•कई पुस्तकों का अंग्रेज़ी, तमिल एवं अन्य भाषाओं में अनुवाद।
•कई विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में पुस्तकें सम्मिलित।
•देश भर में कृतियों पर प्रायः एक दर्जन शोध-प्रबन्ध।
•हिन्दी के साथ अंग्रेज़ी में भी विशिष्ट लेखन। गीता का अंग्रेजी अनुवाद।
•संस्कृत, बंगला, भोजपुरी, उर्दू, हिन्दी एवं अंग्रेजी में समान गति।
•भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक उच्चाधिकारी के रूप में कई महत्त्वपूर्ण पदों का धारण।
•अनेक पुरस्कारों से सम्मानित जिनमें उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का ‘प्रेमचन्द पुरस्कार’ भी सम्मिलित।
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के उपन्यासकार और कहानीकार डॉ. मिश्र वयस्क पाठकों के मध्य तो लोकप्रिय हैं ही, बाल-मन के भी ये अद्भुत ज्ञाता हैं। कहानी और उपन्यास के क्षेत्र मे प्रेमचन्द, यशपाल, हजारी प्रसाद द्विवेदी और अमृतलाल नागर की समृद्ध परम्परा को अपनी कालजयी कृतियों द्वारा आगे बढ़ाने की क्षमता से सम्पन्न विशिष्ट भाषा और शैली के धनी एक ऐसे साहित्यकार जो अपने समकालीनों को बहुत पहले ही मीलों पीछे छोड़ चुके हैं।

उनकी कहानियां लोकप्रिय बाल-पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रहती हैं तथा बालकों से संबंधित उनके कई उपन्यास और कहानी संकलन प्रकास में आ चुके हैं।

प्रकाशन विभाग भारत सरकार ने भी उनका एक बाल-कहानी संकलन प्रकाशित किया है ‘धरती का सपना’।

बाल लेखन के लिए उन्हें भारतीय बाल-परिषद् और मानव-संसाधन विभाग, भारत सरकार के संयुक्त तत्त्वावधान में पुरस्कृत भी किया जा चुका है।

कृतियाँ :

उपन्यास : नदी मुड़ती नहीं, पहला सूरज, पवनपुत्र, प्रथम पुरुष, पुरुषोत्तम, एक और अहल्या, काके लागू पांव, देख कबीरा रोया, गोविन्द गाथा, पीताम्बरा, पावक, अग्नि-पुरुष, शान्तिदूत, अथ मुख्यमन्त्री कथा, सूरज के आने तक, लक्ष्मण रेखा, मैं भीष्म बोल रहा हूँ, अरण्या, पद्मनेत्रा, बुद्धिदाता गणेश, गुहावासिनी।

कहानी-संग्रह : राह के पत्थर, ऊंचाइयों का ईश्वर, शापित लोग।

निबन्ध-संग्रह : गंगा-गंगा कितना पानी, यदा-यदा ही धर्मस्य।

अन्य : भारत के राष्ट्रपति, भारत के प्रधानमंत्री।

मैं भीष्म बोल रहा हूँ

भगवतीशरण मिश्र

मूल्य: Rs. 250

महाभारत के अमर नायक भीष्म के जीवन पर आधारित आत्मकथात्मक उपन्यास।   आगे...

लक्ष्मण-रेखा

भगवतीशरण मिश्र

मूल्य: Rs. 175

प्रतिष्ठित उपन्यासकार भगवतीशरण मिश्र का यह ‘लक्ष्मण-रेखा’ उपन्यास ‘पर्यावरण’ की समस्या पर केन्द्रित है : सामाजिक और सांस्कृतिक प्रदूषण।   आगे...

 

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