Kamleshwar/कमलेश्वर
लोगों की राय

लेखक:

कमलेश्वर

जन्म :- 6 जनवरी, 1932 (मैनपुरी, उ.प्र.)।

निधन :- 27 जनवरी, 2007, फ़रीदाबाद, हरियाणा।

शिक्षा: एम.ए. (इलाहाबाद विश्वविद्यालय)।

 

जीवन परिचय


पूरा नाम ‘कमलेश्वर प्रसाद सक्सेना’ का जन्म उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में 6 जनवरी, 1932 को हुआ था। प्रारम्भिक पढ़ाई के पश्चात कमलेश्वर ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से परास्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की। कमलेश्वर बहुआयामी रचनाकार थे। उन्होंने सम्पादन क्षेत्र में भी एक प्रतिमान स्थापित किया। ‘नई कहानियों’ के अलावा ‘सारिका’, ‘कथा यात्रा’, ‘गंगा’ आदि पत्रिकाओं का सम्पादन तो किया ही ‘दैनिक भास्कर’ के राजस्थान अलंकरणों के प्रधान सम्पादक भी रहे। कश्मीर एवं अयोध्या आदि पर वृत्त चित्रों तथा दूरदर्शन के लिए ‘बन्द फ़ाइल’ एवं ‘जलता सवाल’ जैसे सामाजिक सरोकारों के वृत्त चित्रों का भी लेखन-निर्देशन और निर्माण किया।

प्रकाशित रचनाएँ


कहानी-संग्रह :- राजा निरबंसिया और कस्बे का आदमी, मांस का दरिया, खोई हुई दिशाएँ, बयान, जॉर्ज पंचम की नाक, आजादी मुबारक, कोहरा, कितने अच्छे दिन, मेरी प्रिय कहानियाँ, मेरी प्रेम कहानियाँ।

उपन्यास :- एक सड़क : सत्तावन गलियाँ, डाक-बंगला, तीसरा आदमी, समुद्र में खोया हुआ आदमी, लौटे हुए मुसाफिर, काली आँधी, वही बात, आगामी अतीत, सुबह दोपहर शाम, एक और चन्द्रकान्ता, कितने पाकिस्तान, पति पत्नी और वह।

समीक्षा :- नई कहानी की भूमिका, नई कहानी के बाद, मेरा पन्ना, दलित साहित्य की भूमिका।

नाटक :- अधूरी आवाज, चारुलता, रेगिस्तान, कमलेश्वर के बाल नाटक।

यात्रा-संस्मरण :- खंडित यात्राएँ, अपनी निगाह में।

आत्मकथ्य :- जो मैंने किया, यादों के चिराग, जलती हुई नदी।

सम्पादन :- मेरा हमदम: मेरा दोस्त तथा अन्य संस्मरण, समानान्तर-1, गर्दिश के दिन, मराठी कहानियाँ, तेलगू कहानियाँ, पंजाबी कहानियाँ, उर्दू कहानियाँ।

प्रसिद्धि


उपन्यासकार के रूप में ‘कितने पाकिस्तान’ ने इन्हें सर्वाधिक ख्याति प्रदान की और इन्हें एक कालजयी साहित्यकार बना दिया। हिन्दी में यह प्रथम उपन्यास है, जिसके अब तक पाँच वर्षों में, 2002 से 2008 तक ग्यारह संस्करण हो चुके हैं। पहला संस्करण छः महीने के अन्तर्गत समाप्त हो गया था। दूसरा संस्करण पाँच महीने के अन्तर्गत, तीसरा संस्करण चार महीने के अन्तर्गत। इस तरह हर कुछेक महीनों में इसके संस्करण होते रहे और समाप्त होते रहे।

सम्मान और पुरस्कार


कमलेश्वर को उनकी रचनाधर्मिता के फलस्वरूप पर्याप्त सम्मान एवं पुरस्कार मिले। 2005 में उन्हें ‘पद्मभूषण’ अलंकरण से राष्ट्रपति महोदय ने विभूषित किया। उनकी पुस्तक ‘कितने पाकिस्तान’ पर साहित्य अकादमी ने उन्हें पुरस्कृत किया।

शलाका पुरस्कार, शिवपूजन सहाय शिखर सम्मान, साहित्य अकादमी पुरस्कार।

निधन


27 जनवरी, 2007 को फ़रीदाबाद, हरियाणा में कमलेश्वर का निधन हो गया।

देस-परदेस

कमलेश्वर

मूल्य: Rs. 170

हिन्दी के शीर्षस्थ कथाकार एवं चर्चित लेखक-पत्रकार कमलेश्वर की पच्चीस कहानियों का संग्रह...   आगे...

नयी कहानी की भूमिका

कमलेश्वर

मूल्य: Rs. 400

  आगे...

पति पत्नी और वह

कमलेश्वर

मूल्य: Rs. 250

देहलोलुप पुरुषों की लिप्सा और कुंठा इस उपन्यास का केन्द्रीय विषय है....   आगे...

परिक्रमा

कमलेश्वर

मूल्य: Rs. 125

दूरदर्शन के सबसे लोकप्रिय जीवंत कार्यक्रम पर आधारित....

  आगे...

बयान

कमलेश्वर

मूल्य: Rs. 100

कमलेश्वर की कुछ चुनी हुई कहानियों का संग्रह   आगे...

भारतमाता ग्रामवासिनी

कमलेश्वर

मूल्य: Rs. 175

प्रस्तुत नाटक में भारतीय कृषि सभ्यता के विकास की कहानी दृश्य-श्रव्य प्रभार से साकार की गई है...

  आगे...

मलयालम की चुनी हुई कहानियाँ

कमलेश्वर

मूल्य: Rs. 325

  आगे...

महफिल

कमलेश्वर

मूल्य: Rs. 100

जिंदगी के अनेक रंगों की इन्द्रधनुषी महफिल....

  आगे...

मांस का दरिया

कमलेश्वर

मूल्य: Rs. 20

रोचक कहानी संग्रह   आगे...

मेरा हमदम मेरा दोस्त

कमलेश्वर

मूल्य: Rs. 75

मेरा हमदम मेरा दोस्त (संस्मरण)   आगे...

 

‹ First  < 2 3 4 5 6 >   View All >>   56 पुस्तकें हैं|