Sudha Arora/सुधा अरोड़ा
लोगों की राय

लेखक:

सुधा अरोड़ा

जन्म :- अक्टूबर 4, 1946, लाहौर (पाकिस्तान)।

 

सातवें दशक की चर्चित कथाकार सुधा अरोड़ा का जन्म 4 अक्टूबर, 1946 को लाहौर में हुआ। कलकत्ता विश्वविद्यालय से 1967 में हिन्दी साहित्य में एम.ए. तथा बी.ए. ऑनर्स में दो बार स्वर्णपदक प्राप्त करनेवाली सुधा जी ने 1969 से 1971 तक कलकत्ता के दो डिग्री कॉलेजों में अध्यापन-कार्य किया।

उनकी पहली कहानी ‘मरी हुई चीज़’ ‘ज्ञानोदय’—सितम्बर 1965 में और पहला कहानी-संग्रह ‘बगैर तराशे हुए’ 1967 में प्रकाशित हुआ। 1991 में हेल्प सलाहकार केन्द्र, मुम्बई से जुड़ने के बाद वे सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पित रहीं।

अब तक उनके बारह कहानी-संकलन—जिनमें ‘महानगर की मैथिली’, ‘काला शुक्रवार’ और ‘रहोगी तुम वही’ चर्चित रहे हैं, एक कविता-संकलन तथा एक उपन्यास के अतिरिक्त वैचारिक लेखों की दो किताबें ‘आम औरत : जि़न्दा सवाल’ और 'एक औरत की नोटबुक’ प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने बड़े पैमाने पर अनुवाद, सम्पादन और स्तम्भ-लेखन भी किया है तथा भंवरीदेवी पर बनी फि़ल्म ‘बवंडर’ की पटकथा लिखी है।

कहानियाँ लगभग सभी भारतीय भाषाओं के अतिरिक्त अंग्रेज़ी, फ्रेंच, पोलिश, चेक, जापानी, डच, जर्मन, इतालवी तथा ताजिकी भाषाओं में अनूदित और इन भाषाओं के संकलनों में प्रकाशित।

1977-78 में पाक्षिक ‘सारिका’ में ‘आम औरत : जि़न्दा सवाल’, 1997-98 में दैनिक अखबार ‘जनसत्ता’ में साप्ताहिक स्तम्भ ‘वामा’, 2004 से 2009 तक ‘कथादेश’ में ‘औरत की दुनिया’ और 2013 से ‘राख में दबी चिनगारी’—उनके स्तम्भ ने साहित्यिक परिदृश्य पर अपनी ख़ास जगह बनाई है।

1978 में उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का विशेष पुरस्कार, 2008 में ‘भारत निर्माण सम्मान’, 2010 में ‘प्रियदर्शिनी पुरस्कार’, 2011 में ‘वीमेन्स अचीवर अवॉर्ड’, 2012 में ‘महाराष्ट्र राज्य हिन्दी अकादमी सम्मान’ और 2014 में ‘वाग्मणि सम्मान’ आदि से सम्मानित।

सम्प्रति : मुम्बई में स्वतंत्र लेखन।

आम औरत : जिन्दा सवाल

सुधा अरोड़ा

मूल्य: Rs. 300

  आगे...

एक औरत की नोटबुक

सुधा अरोड़ा

मूल्य: Rs. 150

एक औरत की नोटबुक...

  आगे...

ऑड मैन आउट उर्फ बिरादरी बाहर

सुधा अरोड़ा

मूल्य: Rs. 40

बाल-साहित्य   आगे...

औरत की कहानी

सुधा अरोड़ा

मूल्य: Rs. 170

औरत की कहानी' में औरत की जिन्दगी के विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित कुछ विशिष्ट कहानियों का सम्पादन सुप्रसिद्ध कथाकार सुधा अरोड़ा द्वारा किया गया है…   आगे...

काला शुक्रवार

सुधा अरोड़ा

मूल्य: Rs. 200

  आगे...

बुत जब बोलते हैं

सुधा अरोड़ा

मूल्य: Rs. 300

  आगे...

यहीं कहीं था घर

सुधा अरोड़ा

मूल्य: Rs. 300

  आगे...

 

  View All >>   7 पुस्तकें हैं|