Jainendra Rachnavali (Vol. 3) - Hindi book by - Nirmala Jain - जैनेन्द्र रचनावली खंड - 3 - सं0 : निर्मला जैन डॉ.
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जैनेन्द्र रचनावली खंड - 3

सं0 : निर्मला जैन डॉ.

प्रकाशक : भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशित वर्ष : 2008
पृष्ठ :704
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 10377
आईएसबीएन :9788126314584

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जैनेन्द्र रचनावली' भारतीय ज्ञानपीठ का एक महत्त्वाकांक्षी आयोजन है। रचनावली के बारह खण्डों में जैनेन्द्र कुमार के विपुल लेखन को संयोजित किया गया है

जैनेन्द्र रचनावली' भारतीय ज्ञानपीठ का एक महत्त्वाकांक्षी आयोजन है। रचनावली के बारह खण्डों में जैनेन्द्र कुमार के विपुल लेखन को संयोजित किया गया है। प्रथम तीन खण्डों में उनके समस्त उपन्यास संग्रहित हैं। खण्ड चार और पाँच में जैनेन्द्र कुमार के दस कहानी संग्रहों में प्रकाशित समग्र कहानियाँ प्रस्तुत की गयी हैं। खण्ड छः, सात, आठ, नौ व दस में सैद्धान्तिक, वैचारिक व दार्शनिक निबन्ध संकलित हैं।खण्ड ग्यारह में ललित निबन्ध तथा संस्मरण और खण्ड बारह में साहित्यिक-सामाजिक-सांस्कृतिक निबन्ध उपस्थित हैं। जैनेन्द्र रचनावली के बारह खण्डों के 8100 प्रष्ठों में सर्जना का एक स्वायत्त संसार जगमगा रहा है। प्रत्येक दृष्टि से विशिष्ट, महत्त्वपूर्ण और संग्रहणीय।

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