विपात्र - ग. मा. मुक्तिबोध Vipatra - Hindi book by - Gajanan Madhav Muktibodh
लोगों की राय

उपन्यास >> विपात्र

विपात्र

ग. मा. मुक्तिबोध

प्रकाशक : भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशित वर्ष : 2008
पृष्ठ :80
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 10419
आईएसबीएन :9788126316502

Like this Hindi book 0

एक लघु उपन्यास, या एक लम्बी कहानी, या डायरी का अंश, या लम्बा रम्य गद्य, या चौंकाने वाला एक विशेष प्रयोग--

एक लघु उपन्यास, या एक लम्बी कहानी, या डायरी का अंश, या लम्बा रम्य गद्य, या चौंकाने वाला एक विशेष प्रयोग--कुछ भी संज्ञा इस पुस्तक को दी जा सकती है, पर इन सबसे विशेष है यह कथा-कृति, जिसका प्रत्येक अंश अपने आप में परिपूर्ण और इतना जीवन्त है कि पढना आरम्भ करें तो पूरी पढ़ने का मन हो, और कहीं भी छोड़ें तो लगे कि एक पूर्ण रचना पढ़ने का सुख मिला.


अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book