निःशब्द की तर्जनी खण्ड एक - शंख घोष Nihshabd Ki Tarjani Khand Ek - Hindi book by - Shankha Ghosh
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निःशब्द की तर्जनी खण्ड एक

शंख घोष

प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2018
पृष्ठ :215
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 12025
आईएसबीएन :9788126730919

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प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

हमारी परम्परा में यह माना गया है कि गद्य कवियों का निकष होता है। यह निरा संयोग नहीं है कि प्रायः सभी भारतीय भाषाओं में महत्त्वपूर्ण कवियों ने अच्छा, सरस और रोशनी देनेवाला गद्य लिखा है। हम इस पुस्तक माला में ऐसा कवि-गद्य प्रस्तुत करने के लिए सचेष्ट हैं। शंख घोष न सिर्फ इस समय बाङ्ला के सबसे बड़े कवि हैं, वे भारतीय कवि-समाज में भी मूर्धन्य हैं। उनका गद्य हम दो खण्डों में प्रस्तुत कर रहे हैं। वह उनकी सूक्ष्म जीवन और काव्य-दृष्टि का साक्ष्य है। कई विषयों पर नये ताज़े ढंग से सोचने के लिए हमें प्रेरित भी करता है। उनके यहाँ बारहा ऐसे अनुभवों को गद्य में रूपायित करने की चेष्टा है जो अक्सर गद्य के अहाते से बाहर रहे आये हैं।


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