विश्व पटल पर हिन्दी - सूर्य प्रकाश दीक्षित Vishwa Patal Par Hindi - Hindi book by - Surya Prakash Dixit
लोगों की राय

भाषा एवं साहित्य >> विश्व पटल पर हिन्दी

विश्व पटल पर हिन्दी

सूर्य प्रकाश दीक्षित

प्रकाशक : लोकभारती प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2013
पृष्ठ :216
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 13358
आईएसबीएन :9788180318047

Like this Hindi book 0

समस्त संसार में हिन्दी लगभग ७२ करोड़ लोगों द्वारा समझी जाती है

हिन्दी भारत की एक राष्ट्रीय भाषा है, संघ की राजभाषा है और एक विश्वभाषा भी है। समस्त संसार में वह लगभग ७२ करोड़ लोगों द्वारा समझी जाती है। उसकी व्याप्ति लगभग डेढ़सौ देशों में है। वह लगभग एक दर्जन देशों में जन भाषा के रूप में प्रचलित है। इन देशों को तीन कोटियों में विभाजित करना तर्कसंगत होगा—(१) भारत के पड़ोसी राष्ट्र, (२) भारतवंशी राष्ट्र, (३) आप्रवासीबहुल राष्ट्र। ‘विश्व पटल पर हिन्दी’ का दूसरा महत्त्वपूर्ण पक्ष है, विश्वबोध। हिन्दी का सम्बन्ध संस्कृत, पालि और भारतीय भाषाओं के अतिरिक्त अरबी, फारसी, पस्तो, तुर्की, अंगे्रजी, प्रâेंच, स्पेनिश, डच, पुर्तगाली, इटैलिक आदि कई भाषाओं से है। इस भाषा ने हजारों शब्दों का आदान-प्रदान किया है। हिन्दी-सेवियों ने सैकड़ों विश्वविख्यात ग्रन्थों के अनुवाद किये हैं। दर्जनों विश्व विभूतियों पर ग्रन्थ लिखे हैं। कई यात्रासंस्मरण लिखे हैं तथा विश्व की घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रियाएँ व्यक्त की हैं। हिन्दी ने अनेक विश्वस्तरीय विचारधाराओं को आत्मसात् किया है तथा देश-देशान्तर तक अपनी ‘भारत विद्या’ का निर्यात भी किया है। हिन्दी की रूप रचना अर्थात् व्याकरण, शब्दकोश, पाठ्यक्रम, शोध, समीक्षा एवं सर्जनात्मक लेखन में सैकड़ों विदेशी विद्वानों की सहभागिता रही है। इधर हिन्दी फिल्मों, धारावाहिकों, पत्र-पत्रिकाओं और मीडिया कार्यक्रमों ने उसे विश्व के कोने-कोने में पहुँचाया है। कम्प्यूटर, इण्टरनेट से उसका काफी परिविस्तार हुआ है। लेखक ने दो दशक पूर्व इस ‘विश्व पटल पर हिन्दी’ की दिशा में पहल की थी। इसे अभी और व्यवस्थित करने की आवश्यकता है। इस प्रयोजन पूर्ति में इस पुस्तक की अपनी एक विशिष्ट उपयोगिता है।

लोगों की राय

No reviews for this book