वित्तीय प्रबन्धन - आर. के. पाण्डेय Vittiya Prabandhan - Hindi book by - R. K. Pandey
लोगों की राय

विविध >> वित्तीय प्रबन्धन

वित्तीय प्रबन्धन

आर. के. पाण्डेय

प्रकाशक : लोकभारती प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2008
आईएसबीएन : 9788180312748 मुखपृष्ठ : सजिल्द
पृष्ठ :533 पुस्तक क्रमांक : 13359

Like this Hindi book 0

पुस्तक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली द्वारा देश के समस्त विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों हेतु निर्धारित पाठ्यक्रम को समाहित करने का प्रयास किया गया है

वित्त भौतिक जीवन का आधार स्तम्भ है, जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इसकी उपादेयकता निर्विवाद है। वित्त जैसे अमूल्य पदार्थ का कुशलतम उपयोग वित्तीय प्रबन्ध से ही सम्भव हो सकता है। वित्तीय प्रबन्धन आज के वैश्विक परिदृश्य की आवश्यकता है। भूमण्डलीकरण के दौर में अर्थव्यवस्था का खुलापन बढ़ती प्रतियोगिता का घोतक है। प्रस्तुत पुस्तक 'वित्तीय प्रबन्धन' आधुनिक व्यापारिक संगठनों की सम्भाव्य वित्तीय प्रबन्धन सम्बन्धी समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए लिखी गई है। पुस्तक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली द्वारा देश के समस्त विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों हेतु निर्धारित पाठ्यक्रम को समाहित करने का प्रयास किया गया है। पुस्तक में दीर्घउत्तरीय, लघुउत्तरीय, वस्तुनिष्ठ एवं व्यावहारिक प्रश्नों का समावेश करते हुए पर्याप्त मात्रा में उदाहरणों द्वारा विषय को, सरल, सुग्राह्य एवं रोचक बनाने का प्रयास किया गया है। पुस्तक की सार्थकता के परीक्षण हेतु सुधी पाठकों वित्त विशेषज्ञों, प्रबन्ध विशेषज्ञों, छात्र-छात्राओं एवं विद्वान शिक्षकों के अमूल्य सुझावों का अहर्निश स्वागत रहेगा।

अन्य पुस्तकें

To give your reviews on this book, Please Login