अकबर बीरबल की नोक झोंक - अशोक महेश्वरी Akbar Birbal Ki Nok Jhonk - Hindi book by - Ashok Maheshwari
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अकबर बीरबल की नोक झोंक

अशोक महेश्वरी

प्रकाशक : राधाकृष्ण प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2013
पृष्ठ :196
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 13388
आईएसबीएन :9788183616003

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अकबर और बीरबल के विविध प्रसंगों को लेकर कही गई ये कहानियाँ जहाँ पाठकों का मनोरंजन करती हैं, वहीं उन्हें समयानुकूल आचरण करने के लिए प्रेरित भी करती हैं।

अकबर विनोदप्रिय शासक था। मनोरंजन और जिन्दादिली का मुरीद। बीरबल का बुद्धिबल तीव्र था। वह समझ लेता था कि बादशाह अकबर की किस भंगिमा का क्या अर्थ है, और बीरबल अकबर की भंगिमा के अनुरूप अपने आपको ढाल लेता था। इसी विशेषता के कारण बीरबल अकबर का सखा बन गया था। अपनी तेज बुद्धि, मनोरंजक बातें, सूझ-पूर्ण ढंग से समस्याओं को सुलझाने और समयानुकूल निर्णय लेने की दक्षता के कारण बीरबल ने अकबर के दरबार में ही नहीं बल्कि उसके जीवन और मन में भी स्थान बना लिया था।
समय के साथ बीरबल और अकबर के किस्से मशहूर होने लगे। अपनी रोचकता, मनोरंजन की क्षमता और हाजिरजवाबी की मिसाल होने के कारण इन किस्सों ने तब से लेकर अब तक की लम्बी यात्रा की है और आज भी रोचकता और आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। अकबर और बीरबल के विविध प्रसंगों को लेकर कही गई ये कहानियाँ जहाँ पाठकों का मनोरंजन करती हैं, वहीं उन्हें समयानुकूल आचरण करने के लिए प्रेरित भी करती हैं।


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