बलात्कार होने पर - कमलेश जैन Balatkar Hone Par - Hindi book by - Kamlesh Jain
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बलात्कार होने पर

कमलेश जैन

प्रकाशक : राधाकृष्ण प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2008
आईएसबीएन : 9788183611947 मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पृष्ठ :63 पुस्तक क्रमांक : 13408

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इस पुस्तक का एक मात्र उद्देश्य है समाज को इस अपराध के प्रति जागरूक बनाना

इस पुस्तक का एक मात्र उद्देश्य है समाज को इस अपराध के प्रति जागरूक बनाना, यह बताना कि खुद का बचाव कैसे किया जाए। यदि यह हादसा हो ही जाए किसी के साथ तो, उसकी किस तरह मदद की जाए, उसके आर्थिक, सामाजिक एवं कानूनी पक्ष को कैसे संभाला जाए। इनकी जानकारी के अभाव में हम अपना रुख पीड़िता के विरुद्ध कर लेते हैं, उसी को सजा देते हैं, उसका अपमान करके, उससे किनारा करके जबकि उसे वैसे भी सहारे की जरूरत सबसे ज्यादा होती है।

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