कमल : सम्पूर्ण रचनाएं - देवराज Kamal : Sampurna Rachanayen - Hindi book by - Devraj
लोगों की राय

संचयन >> कमल : सम्पूर्ण रचनाएं

कमल : सम्पूर्ण रचनाएं

देवराज

प्रकाशक : राधाकृष्ण प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2006
आईएसबीएन : 8183610544 मुखपृष्ठ : सजिल्द
पृष्ठ :239 पुस्तक क्रमांक : 13508

Like this Hindi book 0

मणिपुर के साहित्य में आधुनिकता के विकास के साथ-साथ, सुदूरपूर्व के इस राज्य की संस्कृति और समाज को समझने की दृष्टि से यह संकलन अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा।

लमाबम कमल आधुनिक काल के मणिपुरी साहित्य की नींव रखनेवाले रचनाकारों में से एक थे। जिसे हम आज मणिपुरी भाषा की मौलिक और समृद्ध रचनाधर्मिता कहते हैं, उसके विकास का मूल स्रोत कमल की कविताएँ हैं। उपन्यास, कहानी और नाटक के क्षेत्र में भी उनकी देन ऐहिासिक महत्त्व रखती है। अडाङ्ल और चाओबा के साथ मिलकर कमल ने मणिपुरी भाषा की अब तक की श्रेष्ठतम रचनाकार-त्रयी का निर्माण किया। कमल ने मणिपुरी भाषा और साहित्य की निर्धनता दूर करके उसे विश्व की समृद्ध भाषाओं और उनके साहित्य के मध्य गौरवपूर्ण स्थान दिलाने का स्वप्न देखा था। साथ ही वे मणिपुरी साहित्य को उत्कृष्ट मानव-मूल्यों और इतिहास व समाजगत सजगता से जोड़कर विकसित करना चाहते थे। उनका सम्पूर्ण साहित्य इसी अद्भुत स्वप्न को साकार करने की महती साधना का प्रतिफल है।
पिछले कोई बीस वर्षों से मणिपुर में रहकर वहाँ के साहित्य तथा समाज का अध्ययन करने वाले हिन्दी के कवि आलोचक डॉ. देवराज ने एल. कमलसिंह की सम्पूर्ण रचनाओं का अनुवाद और सम्पादन किया है। मणिपुर के साहित्य में आधुनिकता के विकास के साथ-साथ, सुदूरपूर्व के इस राज्य की संस्कृति और समाज को समझने की दृष्टि से यह संकलन अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगार्।

अन्य पुस्तकें

To give your reviews on this book, Please Login