पथ - राजेश माहेश्वरी Path - Hindi book by - Rajesh Maheshwari
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जीवनी/आत्मकथा >> पथ

पथ

राजेश माहेश्वरी

प्रकाशक : राधाकृष्ण प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2014
आईएसबीएन : 9788183616683 मुखपृष्ठ : सजिल्द
पृष्ठ :80 पुस्तक क्रमांक : 13588

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संघर्ष के पथ पर चलते हुए विश्वास की लौ को जगाए रखने की प्रेरणा से भरपूर है यह 'पथ'

आत्मकथा सिर्फ जि़न्दगी के किस्सों का बयान ही नहीं, वह अपने आप से मिलने की एक ईमानदार कोशिश भी होती है। इस कोशिश में राजेश माहेश्वरी की यह कृति 'पथ' सचमुच पथ-प्रदर्शक का काम करती है। जीवन मनुष्य के खुद बनाये से बनता है, पैतृक सम्पदा कुछ दूर और देर तक ही साथ दे सकती है। राजेश जी इस कड़वे सच के स्वीकार के साथ अपने जीवन में वंचनाओं और प्रपंचों से जूझते हुए विवेक एवं परिश्रम के बल-बूते ऐसी बुलन्दी अर्जित करते हैं जो असम्भव हरगिज नहीं लगती, बल्कि यह भरोसा जगाती है कि विपरीत परिस्थितियाँ हों तो अपने विवेक की पतवार को सकारात्मक सोच के साथ हर पल थामे रहने से सब सँभल जाता है। जि़न्दगी में अक्सर ऐसे पल आते हैं, जब हम दोराहे पर खड़े होते हैं। ऐसे में 'पथ' के ये शब्द—'जीवन में कठिनाइयों के आने पर चिन्ता नहीं करनी चाहिए। दुनिया में ऐसी कोई कठिनाई या समस्या नहीं है जिसका निदान सम्भव न हो'—एक दोस्त की तरह सम्बल देने वाले हैं। संघर्ष के पथ पर चलते हुए विश्वास की लौ को जगाए रखने की प्रेरणा से भरपूर है यह 'पथ'।

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