तूफानों के बीच - रांगेय राघव Toofano Ke Beech - Hindi book by - Rangeya Raghav
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तूफानों के बीच

रांगेय राघव

प्रकाशक : राधाकृष्ण प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2012
आईएसबीएन : 9788183615365 मुखपृष्ठ : सजिल्द
पृष्ठ :96 पुस्तक क्रमांक : 13650

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‘तूफानों के बीच’ रांगेय राघव का मार्मिक रिपोर्ताज है।

‘तूफानों के बीच’ रांगेय राघव का मार्मिक रिपोर्ताज है। अपनी विशिष्ट वर्णन शैली और व्यापक मानवीय सरोकारों के चलते यह रचना अत्यन्त हृदयग्राही सिद्ध हुई है। रांगेय राघव ने पुस्तक की भूमिका में लिखा है, ‘बंगाल का अकाल मानवता के इतिहास का बहुत बड़ा कलंक है। शायद क्लियोपेट्रा भी धन के वैभव और साम्राज्य की लिप्सा में अपने गुलामों को इतना भीषण दुख नहीं दे सकी जितना आज एक साम्राज्य और अपने ही देश के पँूजीवाद ने बंगाल के करोड़ों आदमी, औरतों और बच्चों को भूखा मारकर दिया है। आगरे के सैकड़ों मनुष्यों ने दान नहीं, अपना कर्तव्य समझकर एक मेडिकल जत्था बंगाल भेजा था। जनता के इन प्रतिनिधियों को बंगाल की जनता ने ही नहीं, वरन् मंत्रिमंडल के सदस्यों तक ने धन्यवाद दिया था। किन्तु मैं जनता से स्फूर्ति पाकर यह सब लिख सका हूँ। मैंने यह सब आँखों-देखा लिखा है।’ पठनीय और संग्रहणीय पुस्तक।

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