20वीं सदी में भौतिक विज्ञान - गुणाकर मुले 20vin Sadi Mein Bhautik Vigyan - Hindi book by - Gunakar Muley
लोगों की राय

पर्यावरण एवं विज्ञान >> 20वीं सदी में भौतिक विज्ञान

20वीं सदी में भौतिक विज्ञान

गुणाकर मुले

प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2015
पृष्ठ :108
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 13680
आईएसबीएन: 9788126722730

Like this Hindi book 0

भोतिक विज्ञान सरल शब्दों में

सभी वैज्ञानिक विषयों का मूल भौतिकी है, इसी से जैव-भौतिकी, रसायन-भौतिकी और आनुवंशिकी जैसी विज्ञान-सरणियों का उदय हुआ। भौतिक तकनीकी से ही लेसर और कम्प्यूटर जैसे साधनों की खोज हुई। कहा जाता है कि व्यापक आपेक्षिकता का सिद्धान्त आज तक का सबसे सुन्दर सिद्धान्त रहा है। आइंस्टाइन के इस क्रान्तिकारी सिद्धान्त के बाद परमाणु का विखंडन सम्भव हुआ और अपार ऊर्जा का स्रोत मनुष्य के हाथ लगा। पिछले नौ दशकों में भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में असाधारण प्रगति हुई है जिसके चलते हम विज्ञान की नई क्रान्ति के द्वार पर खड़े हैं। हिन्दी में विज्ञान को सरल भाषा में जनसाधारण तक सफलतापूर्वक पहुँचाने वाले गुणाकर मुळे की यह पुस्तक मूलतः 1972 में ‘साप्ताहिक हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित उनकी लेखमाला का संकलित रूप है।

इन लेखों को चित्रों तथा हिन्दी-अंग्रेजी पारिभाषिक शब्दावली से समृद्ध कर, और उपयोगी रूप में इस पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है। कहने की जरूरत नहीं कि स्व. मुळे की अन्य पुस्तकों की तरह यह पुस्तक भी न सिर्फ विज्ञान में रुचि रखनेवाले पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी, बल्कि साधारण पाठकों में वैज्ञानिक विषयों के प्रति नई रुचि भी जाग्रत् करेगी। भौतिकी के जिन विषयों को इस पुस्तक में समाहित किया गया है उनमें प्रमुख रूप से सापेक्षवाद और क्वांटम सिद्धान्त, परमाणु ऊर्जा और प्राथमिक कणों की दुनिया के साथ-साथ भौतिक विज्ञानों के भविष्य पर एक सामग्री विश्लेषण भी शामिल है।


अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book