खिले मातृत्व गूंजे किलकारियाँ - यतीश अग्रवाल Khile Matritva Goonjein Kilkariyan - Hindi book by - Yatish Agarwal
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खिले मातृत्व गूंजे किलकारियाँ

यतीश अग्रवाल

प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2007
पृष्ठ :246
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 13986
आईएसबीएन :9788126714081

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यह पुस्तक उन दिनों की साथी है जब मन में माता-पिता बनने के मीठे सपने खिलने लगते हैं और घर किलकारियों से गूँज उठता है।

यह पुस्तक उन दिनों की साथी है जब मन में माता-पिता बनने के मीठे सपने खिलने लगते हैं और घर किलकारियों से गूँज उठता है। संतान-बीज के गर्भ में आने से लेकर शिशुजन्म और बच्चे की पहली वर्षगांठ तक समस्त जानकारियों को सरल व स्पष्ट शब्दों में प्रस्तुत करने वाली यह कृति सभी दम्पतियों, दादा-दादियों और नाना-नानियों के लिए पठनीय है। कैसे करें गर्भधारण की तैयारी।, गर्भधारण के लिए महीने की कौन-सी तिथियाँ अनुकूल हैं, क्या बेटे या बेटी का पहले से चुनाव हो सकता है। गर्भावस्था की रोमांचक घटनाएँ। बच्चा गर्भ में कब से आँख-मिचौनी खेलना शुरू कर देता है, गर्भावस्था में क्या खाएँ और क्यों। आरामदेह मुद्राएँ और लाभकारी व्यायाम, डॉक्टरी जाँच-परीक्षण: कब और कैसे, अल्ट्रासाउंड और दूसरे टेस्ट कब-कब किए जाते हैं। आम तकलीफें: कैसे पाएँ निजात, कैसे करें शिशु के आगमन की तैयारी। बच्चे का जन्म कैसे होता है, सीज़ेरियन की जरूरत कब-कब होती है। बच्चे की सँभाल के लिए क्या-क्या बातें जानना जरूरी है, बच्चे को कब, कौन-से टीके लगवाने होते हैं।


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