श्री रामायण महान्वेषणम्: खंड 1-2 - एम वीरप्पा मोइली Shri Ramayana Mahanveshanam : Vol.-1-2 - Hindi book by - M Veerappa Moili
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श्री रामायण महान्वेषणम्: खंड 1-2

एम वीरप्पा मोइली

प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2014
पृष्ठ :1576
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 14291
आईएसबीएन :9788126726264

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‘अतीत के दीपक से वर्तमान को प्रकाशित करने का प्रयत्न है ‘श्री रामायण महान्वेषणम्’।’

श्रीरामायण महान्वेषणम् ‘अतीत के दीपक से वर्तमान को प्रकाशित करने का प्रयत्न है ‘श्री रामायण महान्वेषणम्’।’ - नीरज जैन प्रतिष्ठित हिन्दी कवि सतना (म.प्र.) ‘‘मोइली जी को इतनी बड़ी साहित्यिक परियोजना पर सोचने के लिए, उसे पूरा करने के लिए, और भारतीय परम्परा में उसके उचित सन्निवेश के हेतु प्रयास करने के लिए बधाई देना चाहता हूँ...। - डॉ. वागीश शुक्ल कवि, दार्शनिक तथा समालोचक प्रोफेसर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलजी नई दिल्ली


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