नो टेन्शन - सुरेश अवस्थी No Tension - Hindi book by - Suresh Awasthi
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नो टेन्शन

डॉ. सुरेश अवस्थी

प्रकाशक : हिन्दी साहित्य निकेतन प्रकाशित वर्ष : 2005
पृष्ठ :168
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 15378
आईएसबीएन :8185139909

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डॉ सुरेश अवस्थी का नवीन व्यंग्य संग्रह

व्यंग्य-क्रम

1. टुडे इज हिंदी डे
2. घर-घर रावण
3. काटे चाटे स्वान के दोऊ भाँति नुकसान
4. निजविकास का नया फंडा
5. प्यास सयानी हो मगर, करो सदा गुड फील
6. मिशन फॉर एडमिशन
7. 'यदा-यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत'
8. अपना-अपना स्वतंत्रता दिवस
9. भगवान शनि-और कड़वा तेल
10. बड़े अगर बनना चहो करो नकल मन लाय
11. टेंशन को भी टेंशन
12. चेन बचाने के अचूक नुस्खे
13. अपनी मौत मरने जा रहा हूँ
14. हा...हा...हा...हम लंकेश है
15. हारे प्रत्याशी का खुला खत
16. आपरेशन ज़रूरी है
17. धारावाहिक 'यातायात' का सीधा प्रसारण
18. स्वस्थ होकर लौटा मरीज
19. ठंडी-ठंडी हवा में जी घबड़ाए
20. लोरियों से नींद अब आती नहीं...
21. दुनिया के लिए दंगलमय, अपने लिए मंगलमय
22. संविधान है जेब में, मुट्ठी में कानून
23. अब मत आना गोपाला
24. आप कौन! जी, मैं पीलिया
25. अथ श्री अतिक्रमण कथा
26. मच्छरों की बेरोजगारी
27. 'टिकटेटाइटिस-टी' का हल्ला बोल
28. हाथ में पत्थर निशाना महल का
29. गली-गली देते फिरें माँगे बिना सलाह
30. गुलाब जैसी हैं ये तुम्हारी आँखें
31. फेल जो किया, लगा लूंगी फाँसी
32. अंधो-बहरों के हाथ में भाग्य के लेखे
33. नौकरी-पत्नी के प्राइवेट प्रैक्टिस प्रेमिका
34. भीतर से लादेन हैं, बाहर दिखें कबीर
35. प्रजातंत्र का खेल है प्यारे
36. वोट ने हमको क्या-क्या खेल दिखाए
37. लिखता हूँ खून से, स्याही न समझना
38. नन्हें बच्चों के हाथों में
39. खुद से शर्मिंदा
40. 'जाम' के नाम
41. अथ श्री प्रवेश कथा
42. मच्छरों में शहर
43. जितने रावण उतने राम नहीं
44. राजनीति कानून के, हर पल काटे हाथ
45. घनानंद, देवानंद भाई-भाई
46. हम कुँवारे थे, कुँवारे रह गए
47. ताले ही ताले
48. नक़ल : न कल
49. भाग दौड़ में कमी हो तो बताओ
50. मुझे तो हो गया है 'रोग' तुमको हो न हो
51. नजर टेढ़ी हो तो
52. नवे वर्ष आपको बचाए
53. संगीनों के साए में
54. मजनू खफा, लैला को सदमा
55. अपराध भी, संस्कार भी
56. दाता बन क्यूँ कर करे, कोई शान-गुमान
57. हर खुशी बीमार कर ली एक सफ़र के वास्ते
58. 'गुंडा टैक्स'
59. जीते हुए नेता का घोषणापत्र
60. बस्ती में जबसे खुला ठेका बीच बाज़ार


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