व्रज व कौरवी लोकगीतों में लोकचेतना - कुमार विश्वास Braj Va Kauravi Lokgeeton Mein Lokchetna - Hindi book by - Kumar Vishwas
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व्रज व कौरवी लोकगीतों में लोकचेतना

कुमार विश्वास

प्रकाशक : वाणी प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2021
पृष्ठ :208
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 15549
आईएसबीएन :9789390678808

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व्रज व कौरवी लोकगीतों में लोकचेतना

भारतीय संस्कृति की जड़ें इतनी गहरी हैं कि परिवर्तन के हर युग में अपने मूल स्वरूप को किसी-न-किसी रूप में सुरक्षित रख सकी है, फिर चाहे वह आज भी पूजित उच्चारित वैदिक ऋचाएँ हों या हमारा जीवन दर्शन समाहित किये हुए लोकगीत, लोककथाएँ या कहावतें।

डॉ. कुमार विश्वास हापुड़ में जन्मे और कौरवी भूमि ही उनकी कर्मभूमि रही है। कुमार विश्वास के कवितापाठ में मैंने लोक की छाप देखी है, लोक जैसी सहजता, और हमारे सहेजते हुए बढ़ने वाली चेतना। वे जन-जन के प्रिय कवि कैसे बने, इसकी बुनियाद में उनका अद्भुत लोक अध्ययन झलकता है, लोक के प्रति श्रद्धा और चिन्ता भाव परिलक्षित होता है।

- मालिनी अवस्थी पद्मश्री अलंकृत सुप्रसिद्ध लोक गायिका


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