Pt. Deendayal Upadhaya : Smrati Manjoosha - Hindi book by - Shyam Babu Gupta - पं. दीनदयाल उपाध्याय : स्मृति मंजूषा - श्याम बाबू गुप्त
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पं. दीनदयाल उपाध्याय : स्मृति मंजूषा

डॉ. श्याम बाबू गुप्त

प्रकाशक : आराधना ब्रदर्स प्रकाशित वर्ष : 2020
पृष्ठ :120
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 16176
आईएसबीएन :9788194445425

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पं. दीनदयाल उपाध्याय : स्मृति मंजूषा

अनुक्रमणिका

खण्ड-क

1. पं. दीनदयाल उपाध्याय : आदर्श सेवक - डॉ. नीलम त्रिवेदी

2. एकात्मवाद के प्रवर्तक : पं. दीनदयाल उपाध्याय - डॉ. इन्दु यादव

3. पं. दीनदयाल उपध्याय का एकात्म मानववाद - डॉ. पप्पी मिश्रा

4. पं. दीनदयाल उपाध्यायः एकात्म मानव दर्शन तथा आर्थिक विचार - प्रेरणा शुक्ला

5. अन्त्योदय से ग्रामोदय - डॉ. अनोखे लाल पाठक

6. पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का एकात्म मानव दर्शन एवं शिक्षा सम्बन्धी विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता - डॉ. रश्मि गोरे एवं अम्बिका सिंह

खण्ड-ख

7. वर्तमान शिक्षा व्यवस्था- समस्या व निदान - डॉ. मीता अरोरा

8. वर्तमान शिक्षा व्यवस्था- समस्या व निदान - डॉ. अंजू अवस्थी

9. वर्तमान शिक्षा व्यवस्था- समस्या व निदान - दिव्या मिश्रा

10. वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं के निदान में श्रीमद्भगवद्गीता की उपयोगिता - अंजू वर्मा

11. उच्च शिक्षा का वर्तमान परिदृश्य समस्याएं एवं समाधान - डॉ. राकेश शुक्ल

12. वर्तमान शिक्षा व्यवस्था : समस्या व निदान - डॉ. सुषमा कमल

13. वर्तमान शिक्षा व्यवस्था : समस्या व निदान - डॉ. आरती बाजपेयी

14. वर्तमान शिक्षा व्यवस्था - डॉ. मीना सिंह गौर

15. शिक्षा और एकात्म मानववाद - डॉ. सुनीता सिंह

16. मैथिलीशरण गुप्त की कृतियों में मानवीय मूल्य की शिक्षा - डॉ. मंजुला श्रीवास्तव

17. Digital Learning Technologies in Higher Education: Reconceptualising Teaching-hearning - Dr. Anshu Yadav & Mr. Ravi Shanker Tewari

18. Contemporary Education System : Problems And Solutions - Arti Gupta

19. संस्कृत एवं मूल्य विहीन व्यवस्था - वेदना दीक्षित

खण्ड-ग

20. वाल्मीकि की दृष्टि में आदर्श दाम्पत्य जीवन के सूत्र - डॉ. आशारानी पाण्डेय

21. पतनोन्मुख समाज के उत्थान में वाल्मीकि रामायण की प्रासंगिकता - डॉ. पूजा श्रीवास्तव

22. वाल्मीकि कृत रामायण की वर्तमान समय में प्रासंगिकता - रोहित ओमर

23. वर्तमान समय में वाल्मीकि रामायण की प्रासंगिकता (नारी सशक्तिकरण के सन्दर्भ में माँ सीता के चरित्र की विवेचना) - डॉ. परमजीत कौर

24. वाल्मीकी रामायण और पर्यायवरण जागरूकता - शक्ति दीक्षित एवं डॉ. गौरव राव

25. वर्तमान संदर्भ में वाल्मीकि कृत रामायण की प्रासंगिकता - डॉ. सीता शुक्ला

26. सामाजिक एवं चारित्रिक मूल्यों के प्रतिस्थापन में रामायण के अनुशीलन का महत्व - डॉ. रत्ना तिवारी एवं रवि शंकर तिवारी

27. वर्तमान संदर्भ में वाल्मीकी रामायण की प्रासंगिकता - डॉ. सुमन सिंह

28. वाल्मीकि रामायण में नारी वर्तमान परिवेश में - डॉ. संध्या ठाकुर

29. वाल्मीकीय रामायण में वर्णित मानवीय मूल्यों की प्रांसगकिताः भारतीय सम्प्रत्यय के संदर्भ में - दिव्या त्रिपाठी

प्रथम पृष्ठ

    अनुक्रम

  1. अनुक्रमणिका

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