सच्चा सुख - शेख सदी Sachcha Sukh - Hindi book by - Shekh Sadi
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सच्चा सुख

शेख सदी

प्रकाशक : सुयोग्य प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2000
पृष्ठ :32
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 4500
आईएसबीएन: 0000

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इसमें 6 बाल कहानियों का रोचक वर्णन किया गया है।

Sachcha Sukh A Hindi Book by Shekh Sadi

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

सच्चा सुख

एक फकीर अरब यात्रा करना चाहता था। एक धनी ने उसे यात्रा के लिए कुछ धन दे दिया।
जिस दिन काफिला चला, वह फकीर भी साथ ही हो लिया।
रास्ते में डाकू मिल गए, और लोगों का बहुत-सा धन लूट ले गये।

सारे क़ाफ़िले में कोहराम मच गया। डाकू जितना धन लूट ले गये थे, वे दहाड़ मारकर रो रहे थे। पर वह फकीर मुसकरा रहा था।

किसी ने हैरान हो कहा- ‘‘आप किस पर हँस रहे हैं ? डाकू आपका भी तो धन छीन ले गये हैं न ?’’
‘‘ले गये हैं क्या हुआ ? वह धन ने अपने-आप ही दिया था-मैंने माँगा तो न था। और अब मुझसे ले गया है-बस, इतनी-सी बात है न ? तो इसमें क्या हर्ज है ?......मेरे काम न आया तो न सही। अब उसके काम आ जायेगा।’’
सच मुच अगर आदमी को किसी चीज से मोह न हो तो उसकी जुदाई का दु:ख उसे नहीं सता सकता। उसे सच्चा सुख मिलता है।

एक चुप्पी सौ सुख

एक आदमी मित्र देश में रहता था। वह स्वभाव का बहुत सीधा था। वह काफी समय तक चुप्पी साधे रहे। इस पर लोग उसे घेरे रहते।


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