हरी सब्जियों के व्यंजन - कोमल तनेजा Hari Sabjiyon Ke Vyanjan - Hindi book by - Komal Taneja
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हरी सब्जियों के व्यंजन

कोमल तनेजा

प्रकाशक : फ्यूजन बुक्स प्रकाशित वर्ष : 2008
पृष्ठ :100
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 6334
आईएसबीएन: 81-8419-308-4

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इस पुस्तक में आपको हरे खाद्य पदार्थों को पकाने की रचनात्मक विधियाँ बताई गयी हैं।

Hari Sabjiyon Ke Vyanjan

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश


ग्रीन रेवलेशन शब्द उस हरे भोजन या शाकाहरी खाद्य पदार्थों के लिए है जो इसी वर्ग से संबंध रखते हैं। इसमें लाल, बैंगिनी, संतरी व पीले रंग के खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं। हरे खाद्य पदार्थ ऊर्जा स्तर बढ़ाते हैं, भूख शांत करते हैं, त्वचा को नम और चमकदार बनाते हैं, यह खाद्य पदार्थ कैल्शियम, रेशे, विटामिन-ए, विटामिन सी, विटामिन बी जैसे पोषक तत्वों से भरपूर हैं जो अच्छी सेहत, फिगर व तेज दिमाग को संतुलित रखते हैं। इस पुस्तक में आपको हरे खाद्य पदार्थों को पकाने के लिए रचनात्मक विधियां बताई गई हैं।

समर्पण

यह पुस्तक भारतीय सिनेमा जगत के रुपहले पर्दे की एवरग्रीन सुंदरी हेमा मालिनी जी को समर्पित है, जिन्होंने तेज गति से भागते जीवन के बीच भी अपने आकर्षण, सादगी, गरिमा व आभा को बरकरार रखा है। वे काफी हद तक शाकाहारवाद की पक्षधर हैं तथा हरी सब्जियां व फल उनके भोजन के मुख्य अंग हैं। जो एक स्वस्थ व संतुलित जीवन का सच्चा पहलू है। मैं उनकी सच्ची प्रशंसिका हूँ, वे बचपन से ही मेरी गुरु व आदर्श रही हैं, यह पुस्तक मेरी ओर से उनके लिए विनीत उपहार है।

भूमिका

प्रकृति ने प्रत्येक प्राणी के लिए भिन्न-भिन्न रंगों के खाद्य पदार्थ धरती के आंचल में फैलाए हैं। जिसमें हरे खाद्य पदार्थ गोल, लंबे, दाने व गुच्छी आदि विभिन्न रूपों में प्रकृति में विद्यमान हैं। ‘हरी क्रांति’ (Green Revolution) शब्द उस हरे भोजन या शाकाहरी खाद्य पदार्थों के लिए है, जो इसी वर्ग से संबंध रखते हैं, इसमें लाल, बैंगनी, संतरी व पीले रंग के खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं। हरे पिगमेंट क्लोरोफिल के कारण खाद्य पदार्थ का रंग हरा होता है, जिसमें शरीर की सेहत के लिए फायदेमंद विटामिन—विटामिन ए (शरीर की लोच व नमी में लाभदायक), विटामिन सी (शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता) पाए जाते हैं। रंग-बिरंगे खाद्य पदार्थों में फोटो कैमिकल व एंटी ऑक्सीडेंट (antioxidants) पाए जाते हैं जो बुढ़ापा, तनाव व थकान भगाने में सहायक होते हैं।
पिछले कुछ वर्षों से भोजन व पोषक तत्वों की अवधारणा में काफी बदलाव आया है। आजकल आहार-विशेषज्ञ व पोषण विशेषज्ञ लोगों को विशेष रूप से हरा आहार (शाकाहरी आहार) लेने की सलाह देते हैं, जिससे कम कैलोरी ग्रहण करके भी भूख शांत हो जाती है व जल्द भूख भी नहीं लगती।
हरे खाद्य पदार्थ ऊर्जा स्तर बढ़ाते हैं, भूख को शांत रखते हैं, त्वचा को नमी प्रदान करने के साथ-साथ चमकदार व बेदाग रंग भी प्रदान करते हैं। आप जितना भी चाहे खाएं, वजन पर बुरा असर नहीं पड़ता। जी भर कर हरे खाद्य पदार्थ खाएं। ये गहरे रंग के भोजन कैल्शियम, रेशे, विटामिन-ए, विटामिन-सी, विटामिन-बी जैसे पोषक तत्त्वों से भरपूर हैं जो आपकी अच्छी सेहत, फिगर व तेज दिमाग को संतुलित रखते हैं। आइए ‘इन रचनात्मक विधियों के साथ हरे खाद्य पदार्थ पकाना सीखें।’

हरे आहार के सकारात्मक लाभ

1. संतुलित हरा आहार लेने से आप जितना जी चाहे, भोजन कर सकते हैं, वजन बढ़ने का डर नहीं होता क्योंकि ये रेशे, विटामिन व खनिज पदार्थों से भरपूर हैं।
2. सेहमतमंद हरे भोजन से भूख शांत रहती है आपकी काया छरहरी व नमीयुक्त बनी रहती है।
3. ऐसे हरे आहार लेने से काफी समय तक भूख शांत रहती है। आप भोजन के बाद तृप्त होते हैं।
4. यह लो कैलोरी आहार वजन घटाने व उसे बनाए रखने में सहायक है।
5. डिब्बाबंद हरे भोजन की बजाए ताजा ही लें क्योंकि संरक्षित खाद्यपदार्थ का नमक शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।
6. हरे खाद्य पदार्थ पकाते समय उबालने, ब्लांच करने, लगातार भूनने, भाप में पकाने, भूनने व ग्रिल करने जैसे तरीके अपनाएं क्योंकि इनमें घी/तेल की मात्रा काफी कम लगती है।
7. हरे आहार को विशुद्ध शाकाहार माना जाता है क्योंकि इसमें पोल्ट्री उत्पाद-अंडे आदि शामिल नहीं होते। इनके सेवन से मोटापा, मधुमेह, रक्तचाप, हृदय रोग आदि का खतरा काफी घट जाता है।

भोजन व उसके विविध रंग

हरे, भूरे, बैंगनी, लाल, पीले, संतरी, सफेद व विभिन्न रंगों में खाद्य पदार्थ आते हैं। आप अपनी प्लेट में विविध रंगों खाद्य-पदार्थ सजाएँ ताकि शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्त्वों की मात्रा मिलती रहे।

किचन संबंधी पारिभाषिक शब्द

अल डेंटे (Al dente): यह इटली भाषा का शब्द है जिसका इस्तेमाल पास्ता के लिए किया जाता है जिसमें पास्ता को सिर्फ गलाया जाता है पूरी तरह पकाया नहीं जाता। यह काटने पर हल्का सख्त लगना चाहिए।

ऑ ग्रेटिन (Au Gratin): कैसेरोल जैसी डिश होती है, जिसमें खाद्य सामग्री को ब्रेड के चूरे, मक्खन व चीज़ कद्दूकस से ढक कर ओवन में सुनहरा भूरा होने तक बेक करते हैं, जैसे-सब्जी आ ग्रेटिन।

बास्टिंग (Basting) (चुपड़ना): ग्रिल या टिक्की/कबाब भूनते समय उस पर ब्रश से हल्का तेल या मक्खन चुपड़ना बास्टिंग कहलाता है। इससे खाद्य पदार्थ का सूखापन हट जाता है।

ब्लांचिंग (Blanching): इस प्रक्रिया में सामग्री को एक मिनट के लिए उबलते पानी में डालते हैं फिर फौरन बाद ठंडे पानी में डाल देते हैं। यह टमाटर व बादाम का छिलका उतारने व मशरूम, ब्रोकली, अस्पारागस, गोभी व अन्य सब्जियों को अधउबला करने के लिए किया जाता है।

ब्रोलिंग (Broiling): इस प्रक्रिया में ग्रिलिंग की तरह भोजन को सीधा आग पर पकाते हैं।

कैरामलाइजिंग (Cramelizing): इस प्रक्रिया में चीनी को चलाए बिना पिघलाया जाता है। वह सुनहरी भूरी हो कर अलग ही स्वाद देती है। कस्टर्ड या पुडिंग में रंग देने के लिए इसका इस्तेमाल होता है। प्याज दूसरी सब्जियों को सुनहरा-भूरा होने तक भूनने के लिए भी इस शब्द का इस्तेमाल होता है।

कैसेरोल (Casserole): हल्के ढक्कन वाली ओवन प्रूफ बेकिंग डिश। कैसेरोल में पका भोजन, इसी में परोसा जाता है।

काटना (Chop): तेज चाकू से एक आकार के टुकड़े काटना चॉप करना कहलाता है।

कोर (To Core): फलों का न खाने योग्य बीच का हिस्सा निकालने के लिए इस शब्द का इस्तेमाल होता है।

डाइस (Dice): चौरस आकार के टुकड़े।

डस्ट (Dust): मैदा, चीनी, जड़ी-बूटियां व मसाले आदि छिड़कना।

डिस्सोल्व (Dissolve) (घोलना): एक तरल व सूखे पदार्थ का घोल-पानी व चीनी।

मैरीनेड (Marinade): मसालेदार तरल पदार्थ में भोजन लपेटना ताकि वह सुगंधित और नरम हो जाए।

बारीक काटना (Mince): भोजन को बहुत बारीक काटना, 1/8‘‘ से भी कम जैसी मिस्ड मीट।

अधउबला (Parboil): भोजन को थोड़ा उबालना। जल्दी पकने वाले खाद्य पदार्थों में अधउबली सब्जियां डालें ताकि सारा व्यंजन एक सार पके।

स्टिर फ्राइ (Stir-fry): तेज आंच पर पैन या कड़ाही में खाद्य पदार्थ को लगातार भूनना।

भाप (Steam): भाप में पकाना, उबलते पानी का ढके पतीले या स्टीम बॉस्केट में पकाते हैं।

सिम्मर (Simmer): उबाल आने के बाद मध्यम आंच पर उबालना। इसमें खाद्य पदार्थ के ऊपर बुलबुले दिखाई देते हैं।


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