हैरी पॉटर और रहस्यमयी तहख़ाना - जे. के. रोलिंग Harry Potter and the Chamber of Secrets - Hindi book by - J. K. Rowling
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हैरी पॉटर और रहस्यमयी तहख़ाना

जे. के. रोलिंग

प्रकाशक : मंजुल पब्लिशिंग हाउस प्रकाशित वर्ष : 2007
पृष्ठ :315
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 6561
आईएसबीएन :81-8322-007-X

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तहख़ाने में कौन खेल रहा है, कहीं यह ड्रेको मैल्फ़ाय तो नहीं है, जिसके पिता शैतानी जादूगर वोल्डेमॉर्ट के ख़ास सहयोगी थे...

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प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

जब से हैरी पॉटर गर्मी की छुट्टियों में घर लौटा था, तभी से उसके अंकल-आंटी उससे बहुत घटिया और बुरा व्यवहार कर रहे थे। वह एक बार फिर हॉगवर्ट्स जादू और तंत्र के विद्यालय में जाने के लिए छटपटा रहा था। परंतु तभी एक घरेलू जिन्न हैरी के पास आता है और उसे चेतावनी देता है कि अगर वह हॉगवर्ट्रस जाएगा, तो भयानक घटनाएँ होंगी, जिनमें उसकी जान भी जा सकती है।
और भयानक घटनाएँ होती भी हैं। हैरी को हॉगवर्ट्स में अपने दूसरे साल में बहुत से रोमांचक अनुभव होते हैं, जिनमें कार उड़ाने से लेकर क्विडिच के खेल में पहलवान से जान बचाने तक की घटनाएँ शामिल हैं। परंतु आतंक का असली माहौल तब शुरू होता है, जब रहस्यमयी तहखाना खुलता है और हॉगवर्ट्स के विद्यार्थी एक के बाद एक बेजान होने लगते हैं।
तहखाने को कौन खोल रहा है ? कहीं यह ड्रेको मैल्फॉल तो नहीं है, जिसके पिता शैतानी जादूगर वोल्डेमॉर्ट के खास सहयोगी थे ? कहीं यह हैग्रिड तो नहीं है, जिसके रहस्यमयी अतीत का अंततः पर्दाफाश हो जाता है ? या फिर कहीं यह वह विद्यार्थी तो नहीं है, जिस पर हॉगवर्ट्स में सबसे ज्यादा शक किया जा रहा है....खुद हैरी पॉटर !

अध्याय एक

सबसे बुरा जन्मदिन


यह कोई पहली बार नहीं हुआ था, जब प्रिविट ड्राइव के मकान नंबर चार में नाश्ते के समय बहस हुई हो। वरनॉन डर्स्ली की नींद सुबह जल्दी खुल गई थी। वे अपने भांजे हैरी की मादा उल्लू के चीखने की वजह से जाग गए थे।
वे नाश्ते की टेबल पर गरज रहे थे, ‘इस हफ्ते में यह तीसरी बार हुआ है। अगर तुम अपना उल्लू को काबू में नहीं रख सकते, तो मैं उसे यहाँ से बाहर निकाल दूँगा !’ हैरी ने एक बार फिर सफ़ाई देने की कोशिश की। उसने कहा, ‘वह बोर हो गई है। उसे खुले आसमान में उड़ने की आदत है। अगर मैं उसे सिर्फ़ रात को खुला छोड़ दूँ, तो शायद .... वरनॉन अंकल गुर्राए, ‘क्या मैं तुम्हें मूर्ख दिखता हूँ ?’ यह बोलते समय तले अंडे का एक टुकड़ा उनकी घनी मूँछों पर लटक रहा था। ‘मैं जानता हूँ उस उल्लू को बाहर निकालने के बाद क्या होगा।’

उन्होंने और उनकी पत्नी पेटूनिया ने एक-दूसरे की तरफ़ रहस्मय अंदाज में देखा। हैरी ने जवाब देने की कोशिश की, परंतु उसके शब्द डर्स्ली के बेटे डडली की लंबी और तेज डकार के नीचे दब गए। ‘मुझे और नाश्ता चाहिए।’
पेटूनिया आंटी ने अपने भारी-भरकम पुत्र को लाड़ भरी नज़रों से देखते हुए कहा,‘कड़ाही में और नाश्ता रखा है, मेरे लाड़ले। इतने समय बाद तो हमें तुम्हें जी भर कर खिलाने का मौक़ा मिला है...मुझे नहीं लगता कि स्कूल में तुम्हें अच्छा खाना मिलता होगा...’ ‘पेटूनिया, फालतू की बात मत करो ! जब मैं स्मेल्टिंग्स में था, तो कभी भूखा नहीं रहा,‘ वरनॉन अंकल ने जोश से कहा। ‘डडली को वहाँ खाने की कमी नहीं रहती होगी, है ना बेटा ?’ डडली इतना मोटा था कि उसके पुट्ठे किचन की कुर्सी के दोनों तरफ़ लटक रहे थे। वह यह सुनकर मूर्खों की तरह मुस्कराया और हैरी की तरफ़ मुड़ा। ‘मुझे कड़ाही उठाकर दो।’

हैरी ने चिढ़कर कहा ‘तुम जादुई शब्द बोलना तो भूल ही गए।’ इस सामान्य से वाक्य का पूरे परिवार पर अविश्वनीय असर हुआ डडली की साँसे रुक गई और वह हाँफते हुए कुर्सी से इतनी तेज़ी से गिरा कि पूरा किचन हिल गया मिसेज़ डर्स्ली ने चीखकर अपने मुँह पर हाथ रख लिया मिस्टर डर्स्ली उछलकर खड़े हो गए और उनकी कनपटी की नसें फड़कने लगीं।

हैरी ने तत्काल कहा,‘मेरा मतलब यह था कि उसने ‘‘प्लीज !’’ नहीं कहा मेरा मतलब और कुछ नहीं था-’ उसके अंकल गुस्से में थूक उड़ाते हुए गरजे, ‘मैंने तुमसे कहा था न कि हमारे घर में जादू का नाम भी मत लेना।’ ‘परंतु मैं तो-’

वरनॉन अंकल टेबल पर पर मुक्का मारते हुए दहाड़े, ‘डडली को डराने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ?’ ‘मैं तो सिर्फ़’ ‘मैंने तुम्हें पहले भी चेतावनी दी थी। मैं यह बर्दाश्त नहीं करूँगा कि इस छत के नीचे तुम्हारी असामान्य हरकतों का ज़िक्र हो।’
हैरी ने अपने बैगनी चेहरे वाले अंकल से नज़रें हटाईं और पीले चेहरे वाली आंटी की तरफ देखा, जो डडली को उसके पैरों पर खड़ा करने की कोशिश कर रही थीं। हैरी बोला,‘ठीक है ठीक है...’
वरनॉन अंकल वापस बैठ गए। बहरहाल, वे अब भी किसी भड़के हुए गेंडे की तरह हाँफ रहे थे और अपनी छोटी, तेज़ आँखों के कोनों से हैरी पर क़रीबी निगाह रखे थे।
जब से हैरी गर्मियों की छुट्टियों में घर लौटा था वरनॉन अंकल उससे इस तरह बर्ताव कर रहे थे मानो वह कोई बम हो जो किसी भी समय फट सकता है इसका कारण यह था कि हैरी सामान्य बच्चा नहीं था सच तो यह था कि उतना ही असामन्य था, जितना हुआ जा सकता था।
हैरी पाटर एक जादूगर था, जो हागवर्ट जादूगरी और तंत्र के विद्यालय में एक साल तक पढ़ने के बाद घर लौटा था। और अगर डर्स्ली दंपति छुट्टियों में उसके घर आने की वजह से दुखी थे, तो हैरी उसने भी ज़्यादा दुखी था।
उसे हागवर्ट्स की इतनी याद आती थी, जैसे उसके पेट में लगातार दर्द हो रहा हो। उसे महल के रहस्यमयी गलियारों और भूतों की याद आती थी, अपनी जादू की पढ़ाई (शायद जादुई काढ़े के टीचर स्नेप को छोड़कर) उल्लुओं द्वारा लाई जाने वाली डाक, बड़े हाल में दावतें खाना, टॉवर के कमरे में मसहरीदार पलंग पर सोना, चाबियों और मैदान के रखवाले हैग्रिड के अँधेरे जंगल के पास बने घर तक जाना याद आता था। उसे सबसे ज़्यादा याद क्विडिच की आती थी, जो जादूगरों की दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल था (छह ऊँचे गोलपोस्ट, चार उड़ती गेंदे और जादुई झाड़ुओं पर उड़ते चौदह खिलाड़ी)।
जैसे ही हैरी घर आया था, वैसे ही वरनॉन अंकल ने उसकी मंत्र की सारी किताबें, जादुई छड़ी, दुशाले, कड़ाही और बेहतरीन निम्बस 2000 झाड़ू को सीढ़ी के नीचे वाली अलमारी में ताले में बंद कर दिया था। पूरी गर्मियों में क्विडिच की प्रैक्टिस न करने के कारण हैरी को उसके हाउस की क्विडिच टीम से निकाल दिया जाए, तो तो डर्स्ली दंपति को इस बात की क्या परवाह थी ? अगर हैरी बिना होमवर्क किए स्कूल जाएगा, तो डर्स्ली दंपति को इससे क्या फ़र्क़ पड़ता था ? डर्स्ली दंपति ऐसे लोग थे, जिन्हें जादूगर मगलू कहते थे( ऐसे लोग जिनकी नसों में जादुई खून की एक बूँद भी नहीं थी) उनके हिसाब से परिवार में किसी जादूगर का होना सबसे शर्मनाक बात थी। वरनॉन अंकल ने हैरी की उल्लू हेडविग को भी उसके पिंजरे में बंद करके ताला लगा दिया था, ताकि वह जादूगरों की दुनिया में किसी के पास संदेश न ले जा सके।
हैरी का हुलिया बाकी परिवार से बिल्कुल अलग था। वरनॉन अंकल भारी-भरकम थे, उनकी गरदन न के बराबर थी और उनकी मूँछें बड़ी तथा काली थीं। पेटनिया आंटी का चेहरा पतला और घोड़े की तरह था। डडली सुनहरे बालों वाला, गुलाबी और सुअर की तरह मोटा था। दूसरी तरफ हैरी छोटा और दुबला था, उसकी आँखें चमकदार हरी थीं और उसके गहरे काले बाल हमेशा बिखरे रहते थे। वह गोल चश्मा पहनता था और उसके माथे पर एक पतला, बिजली गिरने जैसे आकार वाला निशान था।
इस निशान ने ही हैरी को खास तौर पर असामान्य बना दिया था, बाकी जादूगरों से भी ज़्यादा असामान्य वह निशान हैरी के उस बहुत रहस्यमयी अतीत की इकलौती निशानी था, जिस वजह से उसे ग्यारह साल पहले डर्स्ली दम्पति की चौखट पर छोड़ा गया था।
एक साल की उम्र में हैरी न जाने कैसे दुनिया के सबसे बड़े शैतानी जादूगर लार्ड वोल्डेमॉर्ट के शाप से बच गया था, जिसका नाम लेने में ज़्यादातर जादूगर और जादूगरनियाँ आज भी डरते थे। वोल्डेमॉर्ट के हमले में हैरी के माता-पिता मारे गए, परंतु वह बिजली गिरने जैसे निशान के साथ बच गया, और किसी भी तरह- कोई नहीं जानता कि क्यों- जिस पल वोल्डेमॉर्ट हैरी को नहीं मार पाया, उसी पल उसकी तमाम शक्तियाँ चली गईं।
इसलिए हैरी को उसकी मृत माँ की बहन उनके पति ने पाला। उसे डर्स्ली परिवार में रहते-रहते दस साल हो चुके थे, परंतु वह कभी नहीं समझ पाया कि उसके आस-पास अजीब घटनाएँ क्यों होती रहती थीं। उसे डर्स्ली परिवार की इस कहानी पर विश्वास था कि जिस कार दुर्घटना में उसके माता-पिता मरे थे, उसी में उसके माथे पर निशान बना था।
परंतु ठीक एक साल पहले हागवर्ट्स से हैरी के नाम एक ख़त आया और सारी सच्चाई सामने आ गई । हैरी जादूगरों के स्कूल की छुट्टियाँ शुरू हो चुकीं थीं, इसलिए वह मज़बूरन छुट्टियों में डर्स्ली परिवार के साथ रहने के लिए वापस आया था। यहाँ उसके साथ ऐसे कुत्ते की तरह बर्ताव किया जाता था, जो किसी गंदी जगह में लोट लगाकर आया हो।
डर्स्ली परिवार को तो इतना भी याद नहीं था कि आज हैरी का बारहवाँ जन्मदिन है। जाहिर है, उसे उनसे ज़्यादा उम्मीदें भी नहीं थीं। केक की बात तो रहने ही दें, उन्होंने उसे कभी ढंग का तोहफा भी नहीं दिया था। परंतु उसके जन्मदिन को बिल्कुल अनदेखा कर देना...
उसी पल वरनॉन अंकल ने अपना गला साफ करते हुए महत्वपूर्ण अंदाज में कहा, ‘जैसे कि हम सब जानते हैं, आज बहुत महत्वपूर्ण दिन है।’
हैरी ने ऊपर की तरफ देखा। उसे इस बात पर यकीन नहीं हो रहा था।
वरनॉन अंकल ने कहा, ‘आज के दिन मैं अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा सौदा करूँगा।’
हैरी दुबारा अपना टोस्ट खाने लगा। उसने कड़वाहट से सोचा, वरनॉन अंकल अपनी मूर्खतापूर्ण डिनर पार्टी के बारे में बात कर रहे हैं। पिछले पंद्रह दिनों से वह सिर्फ इसी के बारे में बाते कर रहे थे। एक अमीर भवन निर्माता और उनकी पत्नी डिनर पर आ रहे थे और वरनॉन अंकल को उम्मीद थी कि वह भवन निर्माता और उसे बहुत बड़ा आर्डर देगा (वरनॉन अंकल की कम्पनी ड्रिल बनाती थी)।
वरनॉन अंकल बोले, ‘चलो हम लोग एक बार फिर कर्यक्रम दोहरा लें। हम सब आठ बजे अपनी-अपनी जगह पर होंगे। पेटूनिया, तुम रहोगी- ?’
‘यहाँ बैठक में,’ पेटूनिया आंटी तत्काल बोलीं, ‘अपने घर में उनके स्वागत के लिए तैयार।’
‘बहुत बढ़िया। और डडली बेटा तुम ?’
‘दरवाजा खोलने के अंदाज में डडली ने चेहरे पर एक बनावटी और भद्दी सी मुस्कान लाते हुए कहा। ‘मैसन अंकल-आंटी, लाइए मैं आपके कोट सँभालकर रख दूँ।
पेटूनिया आंटी गदगद होकर बोलीं ‘वे सोचेंगे कितना प्यारा बच्चा है !’
‘शबाश डडली, वरनॉन अंकल ने कहा। फिर वे हैरी की तरफ मुड़े। ‘और तुम ?’
हैरी ने भावहीन स्वर में जवाब दिया, ‘अपने बेडरूम में बिलकुल चुपचाप जैसे घर में हूँ ही नहीं।’
‘बिलकुल ऐसा ही करना,’ वरनॉन अंकल ने बुरा सा मुँह बनाकर कहा। पेटूनिया, मैं उन लोगों को बैठक में लेकर आऊँगा, तुम्हारा परिचय कराऊँगा और उनके लिए ड्रिंक्स बनाऊँगा। सवा आठ बजे-’
‘मैं कहूँगी,‘‘डिनर तैयार है,’’ पेटूनिया आंटी बोलीं।
‘और डडली बेटा तुम बोलोगे-’
‘मैसन आंटी, आइए मैं आपको डाइनिंग रूम में ले चलूँ ?’ डडली ने अपनी मोटी बाँह एक अदृश्य महिला की तरफ बढ़ाते हुए बोली, ‘मेरा आदर्श सभ्य बच्चा।’


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