श्री कृष्णावतार - पवन के. वर्मा Shri Krishnavatar - Hindi book by - Pavan K. Varma
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श्री कृष्णावतार

पवन के. वर्मा

प्रकाशक : पेंग्इन बुक्स प्रकाशित वर्ष : 2006
पृष्ठ :157
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 8197
आईएसबीएन :9780144001453

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विष्णु के सभी अवतारों में कृष्ण को पूर्णावतार माना जाता है

Shri Krishnavatar by Pavan K. Varma

विष्णु के सभी अवतारों में कृष्ण को पूर्णावतार माना जाता है, क्योंकि वे स्वयं में भावनाओं और गुणों का एक ऐसा अथाह सागर समेटे हुए हैं, जो एकत्र होकर एक आदर्श व्यक्तित्व का निर्माण करता है। सभी देवताओं में कृष्ण सर्वाधिक सुगम हैं। वे नश्वर और दिव्य के बीच स्थित भेद को पाटते हैं।

इस पुस्तक में, ‘कृष्णा : द प्लेफुल डिवाइन’ के सुविख्यात लेखक पवन के. वर्मा इस जनप्रिय देवता के व्यक्तित्व की विशालता, सौंदर्य, आकर्षण व जटिलता को सहज ही सामने रख देते हैं। पुराणों, प्राचीन ग्रंथों, भक्ति काव्य और लोकगीतों को आधार बना कर उन्होंने इस श्याम-सलोने के विविध रूपों - नटखट बालक, प्रेमी, श्रेष्ठ योद्धा, कूटनीतिज्ञ, दार्शनिक व परमब्रह्म को उकेरा है।


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