जो मैंने जिया - कमलेश्वर Jo Maine Jiya - Hindi book by - Kamleshwar
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जीवनी/आत्मकथा >> जो मैंने जिया

जो मैंने जिया

कमलेश्वर

प्रकाशक : राजपाल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2014
पृष्ठ :224
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 8619
आईएसबीएन :9788170281220

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जो मैंने जिया

Jo Maine Jiya (Kamleshwar)

अपनी मौलिक सूझबूझ और नज़रिये को लेकर लगातार चर्चित तथा विवादास्पद रहने वाले कमलेशवर की यादें रोचक भी हैं और पाठकों को अपने साथ अतीत व भविष्य में बहा ले जाने का माद्दा भी रखती हैं। उम्र की एक खास दहलीज पर पैर रखते ही आदमी को अचानक बीते दिन घेरने लगते हैं, यादों के धुंधले अक्स साफ़ दिखने लगते हैं और बेहताशा याद आने लगते हैं--वक्त की पिछली गलियों, मोड़ों, चौराहों पर पीछे छुट गये लोग।

और इन यादों के झरोखे से दिखाई देती है एक पूरी दुनिया-हलचलों, दोस्ती-दुश्मनी, आधी शताब्दी के अनेक छोटे-बड़े साहित्यिक कारनामों और इतिहास-प्रसंगों से भरी-पूरी दुनिया। जो मैंने जिया में कमलेशवर की इसी दुनिया का चित्रण है।



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