नये समर के लिए - पंकज मिश्र अटल Naye Samar Ke Liye - Hindi book by - Pankaj Mishra Atal
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नये समर के लिए

पंकज मिश्र अटल

प्रकाशक : साहित्यागार प्रकाशित वर्ष : 2001
पृष्ठ :128
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 8789
आईएसबीएन :81771140233

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कथ्य प्रधान कविता सामूहिक संवेदन को ललकारती है

Ek Break Ke Baad

नये समर के लिए विपुल आक्रोश और जनचिन्ता की कविताओं का संग्रह है, जो न केवल वर्तमान परिवेश में उभरती समस्याओं को अभिव्यक्ति प्रदान करता है, अपितु उन समस्याओं का समाधान भी देता है जिसमें चीख और शोर और सूरज जैसे सशक्त प्रतीकों के माध्यम से कवि ने जहाँ अपने भावों को सशक्तता से अभिव्यक्त किया है, वहीं इन तमाम प्रतीकों की सृष्टि करके अतुकान्त कविता के क्षेत्र में अपरम्परागत प्रतीकों को एक सुनिश्चित स्थान भी प्रदान किया है। इन तमाम कविताओं की प्रतीकात्मक शब्दावली और परिवेशीय विकृति के दृश्यों से पाठकों पर जो प्रभाव पड़ता है वह यह है कि बदलाव अपरिहार्य है। कवि में मन से जो अप्रोच शक्ति है वह इस भीड़ की चीख के साथ तादात्म्य से आती है।

जो भी चीख रहा है, मेरी चीख है....
चीखो (तुम भी) और
जोर से चीखो।

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