जीने की राह - राम कुमार सेवक Jeene Ki Raah - Hindi book by - Ram Kumar Sewak
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जीने की राह

राम कुमार सेवक

प्रकाशक : प्रगतिशील साहित्य प्रकाशित वर्ष : 2008
पृष्ठ :110
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 8805
आईएसबीएन :000000000

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जीवन को सकारात्मक मोड़ देकर उन्हें सन्तोष व प्रसन्नता प्रदान करने में सहायक कुछ सूत्र

Ek Break Ke Baad

यह सत्य है कि दृष्टिकोण बदलने से परिस्थितियां नहीं बदल जातीं लेकिन परिस्थितियों को सार्थक बदलाव देने को लिये जिस धैर्य, दूरदृष्टि व योजना की आवश्यकता है,वह दृष्टिकोण को परिवर्तित किये बिना सम्भव नहीं।

यह सब कैसे हो सकता है, इसी को एक पद्धति के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास है - जीने की राह।

सम्पूर्ण विषय के लेखन में अनेकों दार्शनिकों, सन्तों, मनीषियों के विचारों को अपने अनुभवों की कसौटी पर परखकर जीवन के उपयोगी निष्कर्ष निकालने का प्रयास किया गया है। उन निष्कर्षों को अनेकों मित्रों व सहयोगियों की भावपूर्ण सहायता से इस रूप में प्रस्तुत किया गया है।

‘जीने की राह’ के सूत्र पाठकों के जीवन में सकारात्मक मोड़ देकर उन्हें सन्तोष व प्रसन्नता प्रदान करने में सहायक होंगे।


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