पुष्पा सक्सेना संकलित कहानियाँ - पुष्पा सक्सेना Pushpa Saxena Sankalit Kahaniyan - Hindi book by - Pushpa Saxena
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पुष्पा सक्सेना संकलित कहानियाँ

पुष्पा सक्सेना

प्रकाशक : नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया प्रकाशित वर्ष : 2015
पृष्ठ :218
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 9113
आईएसबीएन :9788123771175

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पुष्पा सक्सेना संकलित कहानियाँ...

Pushpa Saxena Sankalit Kahaniyan - A Hindi Book by Pushpa Saxena

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

भारत के इलाहाबाद शहर में जन्मी, पली-बड़ी लेखिका, डॉ. पुष्पा सक्सेना एक लंबे समय से अमेरिका में रह रही हैं। उन्होंने अपनी कहानियों में अमेरिका में रह रहे भारतीयों के अमेरिकी जीवन के ताने-बाने को बुना है। उनके जीवन-प्रसंग, तनाव तथा सरोकारों को प्रस्तुत करते हुए वे अमेरिकी परिवेश एवं अपने आस-पास घट रही घटनाओं के साक्षात अनुभवों को ही अपनी कहानी के कथानक के रूप में रखती हैं। प्रस्तुत संकलन में लेखिका के विदेश-प्रवास के दौरान लिखी गई 20 कहानियाँ हैं जिनमें जीवन के इंद्रधनुषी रंगों की छटा है। ये कहानियाँ भारत के एक ऐसे शिक्षित समाज की कहानियाँ हैं जो उच्च शिक्षा, बेहतर करियर और बेहतर जीवन के लिए अमेरिका, इंग्लैंड या अन्य देशों को जा रहे हैं। इन कहानियों में भारतीय जीवन-शैली और अमेरिकी जीवन-शैली तथा मूल्यों की टकराहट है, द्वंद्व में फँसा मन अपनी जड़ों की ओर वापस लौटना चाहता है, पर परिस्थितियाँ उसके कदम इस तरह जकड़ लेती हैं कि वह न वापस लौट पाता है और न वहाँ के जीवन-मूल्यों को अपना पाता है और दूर से स्वर्ग लगने वाला जीवन उसके लिए दुःस्वप्न बनकर रह जाता है। इस मृगतृष्णा की कितनी बड़ी कीमत उन्हें चुकानी पड़ती है यह इनकी कहानियों में स्पष्ट झलकता है। लेखिका नारी चेतना, नारी आंदोलन तथा नारी सशक्तीकरण से विशेष प्रभावित हैं, और यही कारण है कि इनकी कहानियों में नारी मन की सतहों को प्रभावी रूप से पर्त-दर-पर्त खोला गया है। पठनीय तथा संप्रेषणीय भाषा में ये कहानियाँ व्यापक प्रवासी परिदृश्य का उद्घाटन करती हैं जो अमेरिका के माया-जाल को खोलता और मृगतृष्णा की सत्यता को उद्घाटित करता है।

भूगोल और हिंदी में एम.ए. के साथ ‘डॉक्टर हरिवंश राय बच्चन का गद्य साहित्य’ विषय पर डॉक्टरेट, विभिन्न पुरस्कार व सम्मान प्राप्त लेखिका की भारत तथा विदेशों की स्तरीय पत्रिकाओं में कहानियाँ, लेख, यात्रा-वृत्तांत एवं परिचर्चाओं के प्रकाशन के अतिरिक्त अब तक 9 कहानी-संग्रह, 5 उपन्यास, 8 बाल-साहित्य की पुस्तकें तथा एक हास्य-नाटक-संग्रह प्रकाशित हैं। इनकी कहानियों के अंग्रेजी के अतिरिक्त कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद हो चुके हैं। मॉस्को व वाशिंगटन के कई विश्वविद्यालयों में इनकी कहानियाँ पढ़ाई जा रही हैं। संप्रति : अमेरिका के वाशिंगटन राज्य की सियाटेल नगरी में स्वतंत्र लेखन।


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