आधुनिक साहित्य : मूल्य और मूल्यांकन - निर्मला जैन Aadhunik Sahitya : Mulya Aur Mulyankan - Hindi book by - Nirmala Jain
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आधुनिक साहित्य : मूल्य और मूल्यांकन

निर्मला जैन

प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2004
पृष्ठ :143
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 9243
आईएसबीएन :9788126708338

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आधुनिक साहित्य : मूल्य और मूल्यांकन

रचना और आलोचना की सतत विकासमान प्रक्रिया युग-सापेक्ष सही मूल्यों का निर्धारण करती है तथा उन सार्थक प्रतिमानों का निर्माण करती चलती है जो साहित्य के मूल्यांकन को दिशा और गति देते हैं। इस दृष्टि से देखें तो डॉ. निर्मला जैन की यह पुस्तक अपना विशेष महत्त्व रखती है। इसमें ‘मूल्य’ और ‘मूल्यांकन’ के ही बिन्दुओं पर आधुनिक-साहित्य की रचनात्मकता और आलोचनात्मकता के प्रश्नों को बारीकी और संजीदगी से उठाया गया है। आधुनिक साहित्य मूल्य और मूल्याकंन आलोचनात्मक निबन्धों का एक सुनियोजित उपयोगी संकलन है। समय-समय पर लिखे गए अपने इन निबन्धों में डॉ. जैन ने बहुत ही धारदार शैली में साहित्य की प्रमुख प्रवृत्तियों और समस्याओं का वैचारिक विश्लेषण किया है। अनेक ऐसे मुद्‌दों को उन्होंने यहाँ नए आयाम दिए हैं जो बहसों के दौरान आए दिन बार-बार सामने आते रहे हैं।

साथ ही, कविता और कथा के क्षेत्रों में अब तक की विशिष्ट उपलब्धियों को भी उन्होंने नए कोणों से देखा-परखा और रेखांकित किया है। संक्षेप में, यह पुस्तक रचना और आलोचना की सही पहचान कराने में सक्षम है।


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