गुलरा के बाबा - मार्कण्डेय Gulara Ke Baba - Hindi book by - Markandey
लोगों की राय

नई पुस्तकें >> गुलरा के बाबा

गुलरा के बाबा

मार्कण्डेय

प्रकाशक : लोकभारती प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2016
पृष्ठ :139
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 9483
आईएसबीएन :9789352211234

Like this Hindi book 3 पाठकों को प्रिय

32 पाठक हैं

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

‘गुलरा के बाबा’ संग्रह की कहानियों का समय आजादी के ठीक बाद का है ! सामाजिक संदर्भो का वास्तविक चित्रण कहानियों का प्रमुख तत्त्व है ! निवां का सुख-दुख ही कहानियों का विषय है ! भारत के नये निर्माताओं के सामने देश की वास्तविक तस्वीर कहानियों में प्रस्तुत की गयी है ! कहानियों में कोमल संवेदनाएँ, लुभावनी भाषा के साथ आक्रोश से भरी तीखी सामाजिक दृष्टि भी है ! गाँव के जीवन का नया धरातल इस संग्रह का प्राण है ! यहाँ जीवन की वास्तविकता के साथ उसमें परिवर्तन की आकांक्षा साथ-साथ है !


अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book