List of Hindi books based on History and Politics at Pustak.org - पुस्तक.आर्ग में हिन्दी की इतिहास और राजनीति की पुस्तकों का संकलन
लोगों की राय

इतिहास और राजनीति

प्राचीन भारत का सामाजिक एवं आर्थिक इतिहास

ओम प्रकाश प्रसाद

मूल्य: Rs. 550

प्राचीन भारत की विस्तृत जानकारी   आगे...

प्राचीन भारत

प्रशांत गौरव

मूल्य: Rs. 695

केन्द्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रान्तीय प्रतियोगी परीक्षाओं और दिल्ली तथा पटना विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत पुस्तक को तैयार किया गया है।   आगे...

मुगल कालीन भारत: हुमायूँ: खंड -2

सैयद अतहर अब्बास रिजवी

मूल्य: Rs. 2000

अन्य ग्रन्थों की तरह यह ग्रन्थ भी हुमायूँकालीन इतिहास के अध्ययन के लिए अत्यंत उपयोगी है

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मुगल कालीन भारत: हुमायूँ: खंड -1

सैयद अतहर अब्बास रिजवी

मूल्य: Rs. 3000

हुमायूँ से सम्बन्धित फारसी स्रोतों का अनुवाद ‘मुग़लकालीन भारत’ भाग-1 एवं 2 में प्रकाशित किया गया है।

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मेरी विचार यात्रा: खंड 1-2

रामविलास पासवान

मूल्य: Rs. 1100

मेरी विचार यात्रा रामविलास पासवान के वैचारिक लेखों का ऐसा संकलन है, जो हमें देश में व्याप्त ज्वलन्त समस्याओं से रू-ब-रू ही नहीं कराता, बल्कि उस दिशा में सोचने के लिए भावोद्वेलित भी करता है।   आगे...

महाशक्ति भारत

वेदप्रताप वैदिक

मूल्य: Rs. 600

वाद्य–यंत्रों की विभिन्नता के बावजूद जैसे आर्केस्ट्रा का संगीत समवेत और समरस होता है, वैसे ही विभिन्न विषयों और विभिन्न तिथियों पर लिखे गए ये निबन्ध पाठकों को विदेश नीति चिन्तन की एक प्रणाली के अनुशासन में बँधे हुए लगेंगे।   आगे...

कोसंबी कल्पना से यथार्थ तक

भगवान सिंह

मूल्य: Rs. 600

यह पुस्तक इतिहासवेत्ता कोसंबी को समझने में इतिहास के विद्वानों और अध्येताओं के लिए बहस के नए बिन्दु प्रस्तावित करेगी।   आगे...

किसान आंदोलन: दशा और दिशा

किशन पटनायक

मूल्य: Rs. 150

किसानों के पक्ष में जूझनेवाले किसान नेताओं, अन्य परिवर्तनकारी आन्दोलनकारियों और बुद्धिजीवियों के लिए यह एक जरूरी किताब है।   आगे...

खलजी कालीन भारत

सैयद अतहर अब्बास रिजवी

मूल्य: Rs. 600

विद्वान अनुवादक ने इन ग्रन्थों का आलोचनात्मक विवेचन किया है जिसके चलते यह पुस्तक इतिहासज्ञों के साथ- साथ सामान्य पाठकों के लिए भी सुग्राह्य हो गई है।   आगे...

कौटिल्य का अर्थशास्त्र

ओमप्रकाश प्रसाद

मूल्य: Rs. 800

कौटिल्य ने अर्थशास्त्र के तमाम पहलुओं पर विचार करते हुए इसे राजनीतिविज्ञान भी माना है।   आगे...

 

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