Hindi Books on "Jain Religion" at Pustak.org
लोगों की राय

जैन साहित्य

मूलाचार (प्राकृत, संस्कृत, हिन्दी) भाग-1

आचार्य वट्टकेर

मूल्य: Rs. 300

मूलाचार सबसे प्राचीन लगभग दो हजार वर्ष पूर्व रचा गया ग्रन्थ है   आगे...

सावयपन्नती (श्रावकप्रज्ञप्ति) मूल

हरिभद्र सूरि

मूल्य: Rs. 90

आचार्य हरिभद्रसूरि ने ४०१ गाथाओं में प्राकृत भाषा में निबद्ध इस 'सावयपन्नती (श्रावकप्रज्ञप्ति)' श्रावकाचार ग्रन्थ की रचना की.   आगे...

समराइच्चकहा (प्राकृत गद्य, संस्कृत छाया, हिन्दी अनुवाद) भाग 2

हरिभद्र सूरि

मूल्य: Rs. 140

प्रचलित भाषा में इसे नायक और प्रतिनायक के बीच जन्म-जन्मान्तरों के जीवन-संघर्षों की कथा का वर्णन करने वाला प्राकृत का एक महान उपन्यास कहा जा सकता है.   आगे...

समराइच्चकहा (प्राकृत गद्य, संस्कृत छाया, हिन्दी अनुवाद) भाग 1

हरिभद्र सूरि

मूल्य: Rs. 140

प्रचलित भाषा में इसे नायक और प्रतिनायक के बीच जन्म-जन्मान्तरों के जीवन-संघर्षों की कथा का वर्णन करने वाला प्राकृत का एक महान उपन्यास कहा जा सकता है.   आगे...

यशोधरचरित की सचित्र पाण्डुलिपियाँ

कमला गर्ग

मूल्य: Rs. 75

विभिन्न आचार्यों द्वारा विरचित तथा जैन पुराण-कथा पर आधारित 'यशोधरचरित' की पन्द्रहवीं से अठारहवीं शती तक की अद्यावधि उपलब्ध   आगे...

अम्बिका इन जैन लिटरेचर

मारुति नंदन प्रसाद तिवारी

मूल्य: Rs. 100

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पंचास्तिकाय-सार

आचार्य कुन्दकुन्द

मूल्य: Rs. 250

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मूक माटी (महाकाव्य)

आचार्य विद्यासागर

मूल्य: Rs. 220

धर्म-दर्शन एवं अध्यात्म के सार को आज की भाषा एवं मुक्त छन्द की मनोरम काव्य-शैली में निबद्ध कर कविता-रचना को नया आयाम देने वाली एक अनुपम कृति. आचार्यश्री विद्यासागर जी की काव्य-प्रतिभा का यह चमत्कार है कि…   आगे...

 

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